पिछले दिनों मणिपुर में काफी हिंसात्मक माहौल बन गया था। इसके पीछे दो जनजातीय समुदायों का आपसी संघर्ष था। अब एक नई चीज मणिपुर में देखने को मिल रही है। वहाँ के कुछ विधायकों ने कुकी जनजातीय बहुल क्षेत्र के लिए अलग प्रशासन की माँग की है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने विधायकों की इस माँग को लेकर कहा है कि मणिपुर राज्य की अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की कार्यवाही लगातार जारी है कि जिन उग्रवादियों ने सस्पेंशन अॉफ आपरेशन नामक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं वे निर्धारित समयावधि में अपने-अपने शिविरों में लौट जायें। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और उनके कई मंत्री केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के लिए 14 मई को नई दिल्ली गये थे। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से अपील की है कि महीने के शुरू में राज्य में मैती और कुकी समुदायों के बीच की हिंसक गतिविधियों के कारण राज्य में अव्यवस्था का माहौल है तो मैं अनुरोध करता हूँ कि राज्य में धरना प्रदर्शन और रैली आदि न की जायें। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि राज्य में कई जगहों पर जैसे कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरोध आदि लगाकर अवरूद्ध स्तिथि पैदा की गई है , लेकिन मैं बता देना चाहता हूँ कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बल प्रयोग नहीं किया जायेगा , बल्कि हमारी कोशिश यह रहेगी कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को सुलझाया जाये।

बीरेन सिंह ने भरोसे के साथ दम भरते हुए कहा कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण रूप से रक्षा किसी भी की कीमत पर की जायेगी। आगे उन्होंने बताया कि “सस्पेंशन अॉफ ऑपरेशन” के तहत लगातार समूहों को उनके शिविरों में भेजने की कार्यवाही जारी है। इसकी निगरानी सीधे-सीधे गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा की जा रही है। उन्होंने गृहमंत्री और अपने मंत्रियों के बीच की मुलाकात के विषय में भी बताया तथा मणिपुर की स्थिति की रिपोर्ट गृहमंत्री को दी। साथ ही हिंसा में शामिल हथियारबंद उग्रवादियों के इसमें शामिल होने की रिपोर्ट भी गृहमंत्री को दी गई।

https://youtu.be/Rtpg8E_vtsw

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